कर्मवीर बने
कर्मवीर बने
संशय के बादलों से ढ़क गए धरती और आकाश,
मृत्यु भय की पीड़ा से मृद्धिम हुआ हृदय का प्रकाश।
'कोरोना' के प्रकोप से अस्त व्यस्त हुए नर और नार,
आत्मबल का दीप जलाऐं, ऐसा करें प्रयास।
आओ कर्मवीर बनें, विजय मार्ग को प्रशस्त करें।।
तथागत बुद्ध ने दिए थे, ये विचार,
संयमित करें मन और आचार।
मितभाषी बने, समरसता का करें व्यवहार,
सहयोग एवं प्रेम हो जीवन का आधार।
आओ कर्मवीर बनें, विजय मार्ग को प्रशस्त करें।।
सेवाभाव हो निस्वार्थ,जनमानस का करें कल्याण,
पर-पीड़ा को हरने का संकल्प लेंं,
कर्तव्यपथ पर अडिग रहें, अविचल, अविराम।
आओ कर्मवीर बनें, विजय मार्ग को प्रशस्त करें।।
श्रद्धा-सुमन अर्पित करें उन्हें, जो दे रहें बलिदान,
डॉक्टर, पुलिस, सेवाकर्मी को, झुका शीश करें सम्मान।
नियमों का अनुपालन कर, दे राष्ट्रहित में योगदान।
आओ कर्मवीर बनें, विजय मार्ग को प्रशस्त करें।।
The apt encapsulation during pandemics
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