आज़ादी निडर, निश्छल, निराकार मैं, बन्धनों से विरक्त मैं, हृदयवासिनी, प्राणप्रिय, मैं, हूँ आज़ादी, मेरे रूप अनेक। गौरवशाली 'भारत माँ' हूँ मैं, मुझपर कुर्बान वीर जवान, रक्षा प्रतिक्षण करें, दासत्व से मुक्ति दें, ऐसे मेरे वीर सपूत नौजवान, मैं, हूँ आज़ादी, मेरे रूप अनेक। बसती हूँ मैं, ज्ञान में, अध्ययन मेरा रूप, अभिव्यक्ति का माध्यम बनूँ, वाणी को सदृढ़ करुं, नवीन ऊर्जा का संचार मैं, मैं, हूँ आज़ादी, मेरे रूप अनेक । मैं, नारियों की उड़ान हूँ, वीर पुरुषों का सम्मान हूँ, लेखनी में मैं, खुशहाली के गीतों में मैं, मैं, मुखर विरोध अनाचार की, मैं, हूँ आज़ादी, मेरे रूप अनेक । मैं,ज्वाला हूँ, धधकती सी, पापियों के सर्वनाश में, निर्बल का आत्मबल हूँ मैं, देशहित में, बलिदान मैं, मैं,लोकतंत्र की रीढ़ हूँ, विदेशी आक्रमण की काट हूँ, मैं, हूँ आज़ादी, मेरे रूप अनेक ।